Jaipur : जयपुर नगर निगम चुनाव की सियासी गर्मी अब जमीन पर भी दिखाई देने लगी है। राजधानी के शास्त्री नगर स्थित भट्टा बस्ती में AIMIM और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) ने संयुक्त जनसभा के जरिए चुनावी ताकत का प्रदर्शन किया। खास बात यह रही कि मंच पर AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी और RLP प्रमुख हनुमान बेनीवाल साथ नजर आए। दोनों नेताओं ने अपने-अपने अंदाज में राज्य सरकार को घेरा और स्थानीय मुद्दों को चुनावी बहस के केंद्र में लाने की कोशिश की।
यह सभा वार्ड 146 से AIMIM प्रत्याशी फिरोज बानो के समर्थन में आयोजित की गई थी। AIMIM और RLP के बीच निकाय चुनाव में हुए राजनीतिक तालमेल के बाद यह संयुक्त मंच दोनों दलों के लिए खासा अहम माना जा रहा है। सभा में जुटी भीड़ के बीच ओवैसी ने जयपुर के पुराने शहर और परकोटे की स्थिति का मुद्दा उठाते हुए सरकार से सवाल किया कि आखिर शहरवासियों को आज भी सड़क, पानी, सीवरेज और ड्रेनेज जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए क्यों जूझना पड़ रहा है।
ओवैसी ने अपने भाषण में CAG रिपोर्ट का हवाला देते हुए राजस्थान के शहरी इलाकों में कचरा प्रबंधन को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि शहरों में पैदा होने वाले कचरे का एक सीमित हिस्सा ही उचित तरीके से प्रोसेस या निस्तारित हो पा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने नगर निकायों के बजट और विकास कार्यों पर सवाल उठाते हुए पूछा कि जनता से टैक्स के रूप में लिया जाने वाला पैसा आखिर जमीन पर कितना दिखाई देता है।
सभा में शिक्षा और स्वास्थ्य के मुद्दे भी जोर-शोर से उठे। ओवैसी ने सरकारी स्कूलों की इमारतों और कक्षाओं की स्थिति का जिक्र करते हुए बच्चों की सुरक्षा और शिक्षा व्यवस्था पर सवाल किए। सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों और दवाइयों की उपलब्धता के साथ उन्होंने महिला सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया और सरकार के दावों की तुलना जमीनी हालात से करने की बात कही।
जयपुर के ऐतिहासिक परकोटे के विकास के लिए घोषित 100 करोड़ रुपये का फंड भी ओवैसी के निशाने पर रहा। उन्होंने सवाल उठाया कि जब विकास और सौंदर्यीकरण के लिए इतनी बड़ी राशि निर्धारित की गई है, तो फिर परकोटे के कई इलाकों में सड़क, सीवरेज और दूसरी बुनियादी समस्याएं अब भी क्यों नजर आती हैं। हालांकि, ये सभी सवाल और आरोप ओवैसी द्वारा सभा के दौरान लगाए गए हैं और इस रिपोर्ट में संबंधित सरकारी विभाग या प्रशासन का पक्ष उपलब्ध नहीं है।
दूसरी ओर, हनुमान बेनीवाल ने AIMIM के साथ तालमेल को स्थानीय चुनाव में एक मजबूत राजनीतिक विकल्प के तौर पर पेश किया। उन्होंने युवाओं, किसानों और आम जनता से जुड़े मुद्दों को चुनावी एजेंडे में प्रमुखता देने की बात कही। बेनीवाल ने कार्यकर्ताओं से वार्ड स्तर पर पूरी ताकत के साथ जुटने और गठबंधन के संदेश को घर-घर तक पहुंचाने का आह्वान किया।
जयपुर में मतदान अब ज्यादा दूर नहीं है। नगर निगम चुनाव के दूसरे चरण में 11 सितंबर 2026 को वोट डाले जाएंगे, जबकि राजस्थान के शहरी निकाय चुनाव की मतगणना 14 सितंबर को होगी। ऐसे में मतदान से ठीक पहले ओवैसी और बेनीवाल का एक मंच पर आना जयपुर की स्थानीय राजनीति में नए समीकरणों की ओर इशारा कर रहा है। अब नजर इस बात पर है कि AIMIM-RLP का यह गठजोड़ चुनावी मंच से निकलकर मतदान केंद्र तक कितना असर छोड़ पाता है और क्या दोनों दल मिलकर जयपुर की सियासत में अपने लिए नई राजनीतिक जमीन तैयार कर पाते हैं।